कैलाश पर्वत के एक हैरान कर देने वाले रहस्य के विषय में आपको बताने वाला हूं दुनिया भर के विद्वानों का एक हिस्सा इस बात को भी कहता है कि कैलाश पर्वत मानव निर्मित है जो मनुष्य द्वारा बनाया गया है कैलाश पर्वत से तो कई खोजे भी हो चुकी है और सब के निष्कर्ष में अलग अलग ही बातें सामने आई है और इसका रहस्य आज तक अनसुलझा ही रहा लेकिन आज जो रहस्य मैं आपको बताने वाला हूं यह जब दुनिया के सामने आया तो बड़े बड़े वैज्ञानिक भी हैरान रह गए आप भी यह जानकर हैरान रह जाएंगे और कभी आप यह सोच सकते हैं कि भगवान शंकर के निवास स्थान कैलाश पर्वत पर मुरतिया हो सकती हैं

आपको सुनने में भले ही थोड़ा अचंभित करने वाला अथवा काल्पनिक लगे यह बात सत्य है चलिए आपको बताते हैं बात तब की है जब अमेरिका के किस शहर के फोटोग्राफर ने फोटो खींची थी फोटो खींचते वक्त सब कुछ सामान्य लग रहा था बाद में उसको अपने कंप्यूटर पर देखा तो उसने उसको जूम किया उसके बाद वह काफी हैरान कर देने वाला था जी हां उसने जब कैलाश पर्वत के बीच के हिस्से पर फोकस किया तो वहां कुछ ऐसा दिखा जो बिल्कुल ही अलग था वह साफ तौर पर कुछ जैसी आकृतियां दिख रही थी आप भी इन फोटोस को गौर से देखेंगे तो आप पाएंगे कि यह अखियां मानव आकृतियां है उसको देखने पर पता चलता है कि इन मूर्तियों में सिर्फ पुरुष ही नहीं है बल्कि स्त्रियां भी है इससे भी बड़ी हैरान कर देने वाली बात यह है कि यह मूर्तियां बहुत ही विशालकाय मूर्तियां हैं जिनकी ऊंचाई लगभग २०० से २५०फीट है

इन मूर्तियों के अलावा चित्र में दिख रही कुछ छोटी-मोटी आकृति भी है और लगभग 25 फीट ऊंची बताई जाती है यहां पर सबसे बड़ा प्रश्न यह उठता है कि आखिर ऐस पर्वत पर जिस पर आज के आधुनिक समय में भी कोई मनुष्य नहीं चल पाया तो आखिर इतनी विशालकाय मूर्तियां कैसे आई किन व्यक्तियों ने इन मूर्तियों को बनाया इसके विषय में तमाम पश्चिमी वैज्ञानिकों का मानना है कि इस पर्वत का निर्माण में प्राकृतिक घटनाओं से तो बिल्कुल ही नहीं हुआ है उनका मानना है इस पर्वत का निर्माण कीसी दिव्य अलौकिक शक्तियों द्वारा किया गया है कहा तो यह भी जाता है इस पर्वत में असाधारण शक्तियां आज भी निवास करती और इन्हीं के द्वारा किसी विशेष उद्देश्य से इस अलौकिक मूर्ति का निर्माण किया गया है कि असाधारण शक्तियां है कौन-कौन है जो आज भी कैलाश के निकट आने से मनुष्य को रोकता है क्या इसमें भगवान शिव आज भी निवास करते हैं या फिर इसमें किसी दूसरी दुनिया से आए लोग निवास करते हैं यह आज भी एक रहस्य बना हुआ है हिंदू धर्म के अनुसार यहां भगवान शिव का निवास स्थान और इसी कारण किसी भी मनुष्य को इसकी चोटी तक पहुंचने का अधिकार नहीं है इसी कारण आज तक इस पर किए गए हजारों प्रयास विफल रहे और तमाम पर्वतारोहियों ने इस बात को नहीं माना और कभी वापस लौट कर नहीं आया इसके अलावा चीन की सरकार में भी कई प्रयास किए लेकिन चीन की सरकार को भी हार माननी पड़ी और कैलाश पर चढ़ाई करना पूरी तरह से बंद कर दिया गया और आज भी कैलाश पर्वत पर चढ़ाई करना पूरी तरीके से बैन लगाया हुआ है