हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन, वैभव, संपत्ति, यश और कीर्ति की देवी माना जाता है। मान्यता है कि मां लक्ष्मी की कृपा के बिना जीवन में समृद्धि और संपन्नता संभव नहीं है। मां लक्ष्मी अपने भक्तों की अनेक रूप में मनोकामनाएं पूरी करती हैं, परन्तु धर्म ग्रंथों एवं पुराणों में मां लक्ष्मी के 8 स्वरूपों का वर्णन है, जिन्हें अष्ट लक्ष्मी कहा जाता है। मां के ये अष्ट लक्ष्मी स्वरूप अपने नाम और रूप के अनुसार भक्तों के दुख दूर करते हैं तथा सुख, समृद्धि प्रदान करते हैं। आज हम आपको अष्ट लक्ष्मी के सभी स्वरूपों और उनकी पूजा विधि के बारे में बता रहे हैं…

  • अगर आप माता लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं तो आपके लिए यह जान लेना भी जरूरी है कि माता लक्ष्मी का पहला स्वरूप आदि लक्ष्मी का है अगर आप इनकी साधना करते हैं तो इससे अपको तमाम प्रकार की सुख-संपदा प्राप्त होती है।
  • जैसा की नाम से ही प्रतीत होता है कि अगर धन की देवी लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं तो इससे साधक के जीवन में चल रही तमाम तरह की आर्थिक समस्या का नाश होता है एवं उसके घर में कभी भी धन की समस्या पैदा नहीं होती है। ऐसा करने से उसकी विभिन्न स्त्रोतों से आय बनी रहती है।
  • ऐश्वर्य लक्ष्मी जी का आशीर्वाद जिस भी साधक को प्राप्त होता है वह समाज में खूब मान-सम्मान कमाता है इसलिए साधक को समाज में मान-सम्मान प्राप्त करना है तो वह ऐश्वर्य लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करें
  • संतान लक्ष्मी जी की पूजा करने से मानव जीवन में संतान की प्राप्ति होती है। जी हां अगर जीवन में कितनी भी शोहरतें हो लेकिन अगर संतान सुख नहीं है तो सभी चीजें व्यर्थ हैं। इसलिए धन-धान्य की देवी माता लक्ष्मी जी के इस स्वरूप की पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है।
  • हर मानव के लिए जरूरी है कि उसके परिवार में कभी भी अन्न की समस्या पैदा न हो इसके लिए वह रात-दिन मेहनत भी करता है लेकिन जब तक व्यक्ति को धान्य लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त नहीं होगा तब तक वह इस समस्या से जूझता रहेगा। इसलिए माता के इस स्वरूप की साधना करने से साधक के घर हमेशा अन्न भंडार से भरा रहता है। माता लक्ष्मी उसके घर हमेशा अन्न के रूप में विराजमान रहती हैं
  • अगर साधक राजसत्ता, सरकार आदि से तमाम प्रकार के सुख की कामना करता है तो उसे गज पर सवार माता लक्ष्मी जी की पूजा करनी चाहिए। माता के इस स्वरूप को खेती-किसानी करने वाले लोगों के लिए वरदान माना गया है। इनकी पूजा करने से किसानों को अच्छी फसल की प्राप्ति होती है।
  • धन-धान्य की देवी माता लक्ष्मी जी के इस स्वरूप की सच्चे मन से पूजा करने से माता वीर लक्ष्मी अपने साधक को अकाल मृत्यु से बचाती है। माता की कृपा से साधक के अंदर आत्मबल एवं साहस पैदा होता है।
  • विजय लक्ष्मी जी की पूजा करने से किसी भी क्षेत्र में विजय की प्राप्ति होती है। अगर आपको हर समय शत्रुओें से भय बना रहता है तो आपको माता विजय लक्ष्मी जी की साधना करना चाहिए। माता के आशीर्वाद से शत्रु स्वयं अपनी हार मानते हुए आपके आगे घुटने टेक देंगे।

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