आजकल इंसान को थोड़ा खतरा होने पर सुरक्षा दी जाती है नेताओं और अभिनेताओं की सुरक्षा में तो आपने अक्सर वीआईपी ट्रीटमेंट को देखा ही होगा आप देश के बॉर्डर के बारे में अच्छे से जानते हैं वहां पर फौजी पहरा देते हैं सुरक्षा करते हैं अपनी वीवीआईपी लोगों के आगे पीछे भी कई पुलिसवालों को देखा होगा उनकी सुरक्षा में हर समय तैनात रहते हैं आपने बड़े-बड़े लोग भी देखे होंगे उनकी सुरक्षा में पुलिस दिन-रात लगी रहती है लेकिन 

 

आपने कभी इसके बारे में सुना कि पुलिस वाले एक पेड़ की सुरक्षा में तैनात हैं जिसे सुपरस्टार जैसी सुरक्षा मिली हुई है इस पेड़ की सुरक्षा में 24 घंटे पुलिस तैनात रहते हैं मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और सलामतपुरके बीच की पहाड़ी पर मध्य प्रदेश की सरकार से 12 -1500000 रुपए खर्च करती हैं यहां तक कि इस पेड़ की सुरक्षा के लिए हफ्ते में 7 दिन 24 घंटे चार पुलिसवाले तैनात रहते हैं सलामतपुर की पहाड़ी पर लोहे की लगभग 15 फीट ऊंची जाली के अंदर लहराता हुआ नजर आता है यह वीआईपी बोधी पेड़ जिला कलेक्टर की निगरानी में होता है सिर्फ इतना ही नहीं इस पेड़ की सिंचाई के लिए नगर पालिका ने अलग से पानी का टैंकर का इंतजाम किया हुआ है साथ ही पेड़ को बीमारी से बचाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी हर हफ्ते वहां का दौरा करते हैं और यह सब जिला कलेक्टर की निगरानी में होता है यह तो कुछ भी नहीं है अगर इस पेड़ का एक पत्ता भी सूख जाता है तो पूरा प्रशाशन चोक्कना  हो जाता है 

यहाँ तक पहुंचने के लिए भोपाल से  पहाड़ी तक पक्की सड़क बनाई गई है यूनिवर्सिटी पहाड़ी पर रोपा गया था पौधा 21 सितंबर 2012 को इस पहाड़ी पर महिंद्रा राजपक्षे बौद्ध यूनिवर्सिटी आधारशिला रखने आए थे तब प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ उन्होंने पहाड़ी पर बोधिवृक्षा रोपा था तब से आज तक इसकी सुरक्षा की जा रही है पौधे को लोहे की जाली से घेरकर सुरक्षित किया गया है पुलिस के जवान उसकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं पानी का एक टैंकर खड़ा रहता है पानी पर किसी भी अनजान व्यक्ति को छड़ने की इजाजत नहीं है हालांकि अभी यूनिवर्सिटी के निर्माण की शुरुआत नहीं हुई है लेकिन अब तक लाखो रुपए खर्च किए जा चुके है

 

 एक बार फिर श्रीलंका के राष्ट्रपति आए थे इस बार श्रीलंकाई राष्ट्रपति बौद्ध धर्म के प्रचारक और भारत में बौद्ध धर्म की पुनर्स्थापना करने वाले अनगिनत नागरिक धर्मपाल की प्रतिमा का अनावरण किया इस दौरान उन्होंने अपने पूर्व राष्ट्रपति के हाथों लगवाए पेड़ के हाल-चाल लिए भगवान बुध की आखिरी निशानी है यह वीआईपी पेड़ इस पेड़ को इतनी महत्व देने के पीछे मान्यता इसे बोधि वृक्ष कहा जाता है और इसे पूर्व राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे ने लगाया था यह वही बोधि वृक्ष की टहनी है जिसके निचे गौतम बुद्ध को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी अब आप समझ रहे हैं इसका क्यों महत्व है और क्यों सुरक्षा का पूरा ध्यान दिया जाता है

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