क्यों सभी देवी देवताओं का जन्म भारत में ही हुआ यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब हमें विस्तार से कभी नहीं मिलता भगवान शिव की गाथा हो जय श्री कृष्ण की लीला हमें उसकी जानकारी भारत तक ही सीमित क्यों नजर आती है क्या धरती के दूसरे भूभाग पर कभी हिंदू देवी देवताओं ने पैर नहीं रखा अगर वह वहां भी आए तो उसका क्या प्रमाण मिलता है आज मैं आपको कुछ ऐसी जानकारी देने वाला हूं जो आपकी सोच का दायरा और सनातन धर्म का ज्ञान और ज्यादा बढ़ा देगा 

सबसे पहले तो आपको प्राचीन इतिहास और भूगोल की जानकारी होना बहुत जरूरी है प्राचीन भारत को जंबूद्वीप से जुड़ जाता है जो सिर्फ अधूरा सच है सम्राट अशोक काल के समीप इस द्वीप को जंबूद्वीप कहा जाता था जिसका अर्थ है जंबू पेड़ों का दीप जामुन के पेड़ इस भूभाग पर सबसे ज्यादा होते थे इस कारण से जम्बूद्वीप भी कहा जाता था

पुराणों में धरती के भूभाग  को सात महाद्वीपों में बांटा जाता था अगर हम इससे भी प्राचीन समय में जाएं तो भारतवर्ष आज के एशिया के बराबर कहा जा सकता है इसका नाम यह कैसी पड़ा इस पर भी अलगअलग मत हैं कई पुराणों में बताया जाता है कि इसका नाम दुष्यंत और शकुंतला के पुत्र भारत से पढ़ा तो कहीं से चक्रवर्ती सम्राट भारत के नाम से पड़ा माना जाता है लेकिन अगर हम पुराणों का और त्रेता युग की जानकारी का मिलान करें तो इससे भी पहले राज्यों का क्षेत्रफल इस से भी ज्यादा था 

आज शायद हम इसकी हद कहां तक थी इसकी पूरी जानकारी नहीं पा सकते लेकिन अगर हम ऐतिहासिक खोज को देखें तो हम इसका अंदाजा लगा सकते हैं आज हम जिस भारत को जानते हैं उसके हर कोने में सनातन धर्म के इतिहास के प्रमाण मिलते हैं हम कह सकते हैं भारत के जिस भाग में खुदाई करोगे आपको मंदिर ही मिलेंगे लेकिन प्राचीन भारतवर्ष  अफगानिस्तान से भी आगे तक फैला हुआ था जिस कारण यहां भी आपको प्राचीन मंदिरों के अवशेष आज तक मिल जाएंगे

इजिप्ट की खुदाई में अब तक कई प्राचीन बर्तन मिल  चुके हैं जिस पर तमिल ब्रह्मी में उकेरा गया था इसकी कार्बन डेटिंग में ही पाया जा चुका है कि लगभग 1900 से 2100 साल पुराने हैं इसी तरह के वर्तमान में इस बात का जीता जागता सबूत है कि इतने साल पहले यहां की संस्कृति भी भारत से प्रभावित थी इंडोनेशिया में भी हिंदू मंदिरों को आज तक संभाल कर रखा गया है इस देश में मुस्लिम आबादी सबसे ज्यादा है लेकिन रामायण को इस देश में संस्कृति का ही हिस्सा माना जाता है

रूस के प्राचीन शहर वोल्गा से भी कई मूर्तियां खुदाई में मिल चुकी है जो भगवान विष्णु की है इसी के साथ हिंदू धर्म की प्राचीन धरोहर आए दिन मिलती रहती हैं पूरे यूरोप में आपको शिवलिंग के प्राचीन और अलग रूप देखने को मिल जाएंगे अमेरिका की एक देश में monkeygod  की प्राचीन मूर्तियां मिल चुकी है क्या यह सब बताने के लिए काफी नहीं है कि हिंदू देवी देवता तो धरती के हर कोने में हुए लेकिन उन्हें इतिहास से मिटाने की कोशिश हुई 

अब आप बाइबिल का अध्ययन करेंगे तो पाएंगे ईसा मसीह के जीवन का वर्णन तो मिलता है लेकिन 12 साल की उम्र से 29 साल की उम्र का जिक्र कहीं नहीं मिलता इसे लॉस्ट ईयर ऑफ़ जीसस कहा जाता है इन हिस्सों को गुम हुआ या छिपाया गया कहा जाता है लेकिन जानकार मानते हैं इस उम्र में वह भारत आए थे और उन्होंने शिक्षा ग्रहण की थी वह अपना भगवान श्री कृष्ण को मान चुके थे जो इसे हजम ना कर पाए उन्होंने इस इतिहास को मिटाने की कोशिश की कई प्राचीन जानकारी तक कहते हैं कि क्रिश्चियन का अर्थ ही कृष्ण से निकला है और क्रिश्चियनिटी को कृष्ण निति कहा जाता था

जो उस समय के साथ दूर ही निकल गया इसके प्राचीन देवी देवताओं की समानता हिंदू देवी देवताओं से होना भी तो कोई संयोग नहीं हो सकता अंत में मैं आपकी इस सवाल का जवाब यही दूंगा कि सब देवी देवताओं ने सिर्फ भारत में ही जन्म नहीं लिया बल्कि दुनिया के हर हिस्से में लिया सिर्फ उनके इतिहास को उन देशों में दबा दिया गया या अपना नाम देकर बदल दिया गया वह भारत ही है जो सच को पहले भी वैसा ही मानता था और आज भी वैसा ही मानता रहा है जितने भी देवी देवता हमने उन्हें अपनाया और कोई नया धर्म नहीं बनाया 

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