इस दफा दिल्ली में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, ये सभी जानते हैं. अब अक्टूबर के महीने में बिन मांगी बारिश नई मुसीबत लेकर आई है. हम आपको बता दें कि साल 1960 यानी पूरे 61 साल बाद दिल्ली में अक्टूबर के महीने में इतनी बरिश हुई है और अगले दो दिन और भी बारिश हो सकती है. सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि दिल्ली से करीब साढ़े तीन सौ किलोमीटर दूर उत्तऱाखंड में भी मौसन ने तबाही वाला रूप दिखा दिया है. उत्तराखंड में बारिश से 150 सड़कें बंद हैं, चार धाम की यात्रा रोक दी गई है और तो और उत्तराखंड में बर्फबारी भी शुरु हो गई है.

अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता शुक्रवार को “मध्यम” श्रेणी में दर्ज की गई थी और अगले दो दिनों में तेज हवाओं और बारिश के कारण इसमें सुधार होने की संभावना है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के पूर्वानुमान निकाय SAFAR के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 162 दर्ज किया गया, जो “मध्यम” श्रेणी में है। “दिल्ली का एक्यूआई मध्यम श्रेणी में है। सफर पद्धति के अनुसार, प्रभावी आग की गिनती 894 है और दिल्ली के पीएम 2.5 में इसकी हिस्सेदारी 4 प्रतिशत है क्योंकि परिवहन स्तर की हवाएं घुसपैठ के लिए अनुकूल नहीं हैं,” यह कहा।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि दिल्ली में आज हल्की बारिश होने की संभावना है और न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत से दो डिग्री अधिक है।आर्द्रता 92 फीसदी दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने दिन में हल्की बारिश के साथ आसमान  में आमतौर पर बादल छाए रहने की संभावना जताई है। आईएमडी ने कहा कि अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।