घर में सुख शांत‌ि और समृद्ध‌ि के ल‌िए सभी लोग घर में पूजा स्थान बनाते हैं ज‌िसे पूजा घर कहा जाता है। पूजा घर में सही तरीके से पूजा करने के लिए कई चीजें जरूरी होती है। आइए जानते हैं विष्णु पुराण के अनुसार कौन सी हैं वो चीजें जो हर पूजा घर में जरूर होनी चाहिए।

1. आचमनी –छोटे से ताम्बे के लोटे में जल भरकर उसमें तुलसी डालकर हमेशा पूजा स्थल पर रखा जाता है। यह जल आचमन का जल कहलाता है। इस जल को तीन बार ग्रहण किया जता है। इससे पूजा का दोगुना फल मिलता है।

2. पंचामृत –दूध, दही, शहद, घी व शुद्ध जल के मिश्रण को पंचामृत कहते हैं। कुछ विद्वान दूध, दही, मधु, घी और गन्ने के रस से बने द्रव्य को पंचामृत कहते हैं। इस सम्मिश्रण में रोग निवारण के गुण होते हैं।

3. चन्दन –चंदन शीतलता का प्रतीक है। इसकी सुगंध से मन के नकारात्मक विचार खत्म होते हैं। चंदन को मूर्ति के सिंगार में उपयोग किया जाता है। माथे पर चंदन लगाने से दिमागी शांति बनी रहती है।

4. अक्षत –चावल को अक्षत भी कहा जाता है। भगवान को अक्षत अर्पित करने का अर्थ है कि हम अपने वैभव का उपयोग अपने लिए नहीं, बल्कि मानव की सेवा के लिए करेंगे।

5. फूल –देवी या देवता की मूर्ति के सामने फूल अर्पित किए जाते है। यह सुंदरता का अहसास जगाने के लिए है। इसका अर्थ है कि हम भीतर और बाहर से सुंदर बनें।

6. प्रसाद –प्रसाद में मिठास यानि मधुरता होती है। फल, मेवे और मिठाई के रूप में पंचामृत के साथ नैवेध चढ़ाया जाता है। माना जाता है कि इससे घर में बरकत बनी रहती है।

7. रोली –कुमकुम या रोली हल्दी मिलाकर बनाया जाता है। इसे गंध के रूप में देवताओं को चढ़ाया जाता है। यह आरोग्य को बढ़ाने वाला माना गया है।

8. धुप –सुगंध से मन में सकारात्मक विचारों का जन्म होता है। इससे घर का वातावरण शुद्ध और सुगन्धित बनता है। यही कारण है कि भगवान का पूजन धुप के बिना अधूरा माना गया है।

9. दीपक –पारम्परिक दीपक मिट्टी का ही होता है। इसमें पांच तत्व हैं मिट्टी, आकाश, जल, अग्नि और वायु। कहते है कि इन पांच तत्वों से ही सृष्टि का निर्माण हुआ है। इसलिए हर हिन्दू अनुष्ठान में पंचतत्वों की उपस्तिथि अनिवार्य होती है।

10. गरुड़ घंटी –जिन स्थानों पर घंटी बजने की आवाज़ नियमित आती है, वहां का वातावरण हमेशा शुद्ध और पवित्र बना रहता है। इससे नकारात्मक शक्तियां हटती है। इसलिए घर के पूजा स्थान पर गरुड़ घंटी रखी जाती है।