आज से संसद का शीत सत्र शुरू हो रहा है. यह सत्र 25 दिनों के लिए है. 29 नवंबर से 23 दिसंबर तक शीत सत्र चलेगा.सोमवार को शीत सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई. सत्र की शुरुआत हुए कुछ ही मिनट हुए थे कि विपक्षी सांसदों ने सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाने शुरू कर दिए.

लोकसभा अध्यक्ष ने ओम बिड़ला ने सांसदों से शांति की अपील की लेकिन कुछ असर नहीं हुआ. ऐसे में लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी.शीत सत्र में कुल 36 बिल पास होने की उम्मीद है.

इनमें एक बिल तीनों विवादित कृषि क़ानूनों को वापस लेने वाला भी शामिल है. विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरेगी. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा है कि मोदी सरकार संसद में बिना बहस के कृषि बिल वापस लेना चाहती है.रमेश ने कहा कि 16 महीने पहले कृषि बिलों को बेहद अलोकतांत्रिक तरीक़े से पास किया गया था और इसे वापस भी उसी तरीक़े से लेने की कोशिश हो रही है.

कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष वापसी वाले बिल पर बहस चाहता है. मोदी सरकार को विपक्ष पेगासस जासूसी और बढ़ती महंगाई पर भी संसद में घेर सकता है.आज लोकसभा में शीत सत्र के पहले दिन ही कृषि क़ानून वापसी बिल पेश होने के लिए सूचीबद्ध है. इस बिल को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पेश करेंगे.

सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए विप जारी किया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि आज संसद में अन्नदाता के नाम का सूरज उगाना है.वहीं, सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सदन में बहस के लिए उनकी सरकार तैयार है लेकिन सभी दलों को संसद की गरिमा और अध्यक्ष पद की गरिमा बनाए रखना चाहिए.

विपक्ष के कई नेताओं ने गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को पद से बर्खास्त करने की भी मांग की है. अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में अभियुक्त हैं.लोकसभा में तीनों विवादित कृषि क़ानूनों की वापसी का बिल हंगामे के बीच लोकसभा में ध्वनिमत से पास कर दिया गया. विपक्ष इस पर बहस की मांग कर रहा था. इस बिल को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पेश किया.

लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के मिनट भर में ही कृषि क़ानूनों की वापसी का बिल पास कर दिया गया. इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गई.

इससे पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा था कि मोदी सरकार संसद में बिना बहस के कृषि बिल वापस लेना चाहती है. रमेश ने कहा था कि 16 महीने पहले कृषि बिलों को बेहद अलोकतांत्रिक तरीक़े से पास किया गया था और इसे वापस भी उसी तरीक़े से लेने की कोशिश हो रही है.