हरियाणा के झज्जर में 5 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या करने के दोषी को सोमवार को फांसी की सजा सुनाई गई। वारदात के 11 महीने बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए दोषी विनोद उर्फ मुन्ना को सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल अफेंसेस (पॉक्सो ) एक्ट 2012 की धारा 6 के तहत दोषी को उम्रकैद और 1 लाख 85 हजार रुपए का जुर्माना भी किया।

वारदात 21 दिसंबर 2020 को झज्जर के छावनी एरिया में हुई थी। यहां एक राजमिस्त्री अपने परिवार के साथ रहता था। उनके पास ही 26 साल का विनोद कुमार उर्फ मुन्ना भी रहता था। 21 दिसंबर 2020- रविवार की रात तकरीबन 1 बजे विनोद ने राजमिस्त्री के घर का दरवाजा खटखटाया।

जब राजमिस्त्री ने दरवाजा खोलकर देखा तो विनोद के सिर से खून निकल रहा था। विनोद ने देखभाल के लिए राजमिस्त्री को साथ चलने के लिए कहा और उसे बहाने से अपने कमरे पर ले जाकर वहां बंद कर दिया। इसके बाद विनोद वापस राजमिस्त्री के घर पहुंचा। वहां राजमिस्त्री की पत्नी अपनी 5 साल की बच्ची के साथ मौजूद थी।

बच्ची को उसके घर से उठा ले गया था
विनोद ने पहले राजमिस्त्री की पत्नी से छेड़छाड़ की और फिर उसकी 5 वर्षीय बेटी को उठाकर भाग गया। विनोद बच्ची को लेकर अपने कमरे पहुंचा और राजमिस्त्री को बाहर निकालकर अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। विनोद ने कमरे में बच्ची के साथ रेप कर उसकी हत्या कर दी। राजमिस्त्री ने घटना की सूचना पुलिस को दी।

मौके पर पहुंचे पुलिसवालों ने विनोद के कमरे का दरवाजा तोड़ा तो अंदर आरोपी बच्ची की लाश के पास बैठा था। पुलिस ने विनोद को गिरफ्तार कर लिया। पोस्टमॉर्टम के दौरान बच्ची के साथ मर्डर से पहले रेप की पुष्टि हुई।

11 महीने में फैसला
5 साल की बच्ची का रेप कर मर्डर करने का यह केस झज्जर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमराज की फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट ने सभी सबूतों को देखते हुए सोमवार को वारदात के 11 महीने बाद विनोद उर्फ मुन्ना को दोषी ठहराते हुए सजा सुना दी।

बच्ची के साथ रेप और उसकी हत्या के मामले में कोर्ट ने विनोद को फांसी की सजा सुनाई। इसके अलावा प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल अफेंसेस (पॉक्सो ) एक्ट 2012 की धारा 6 के तहत भी उसे उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 1 लाख 85 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई।

12 गवाहों ने पहुंचाया फांसी तक इस मामले की जांच झज्जर के तत्कालीन DSP राहुल देव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने की। तकरीबन दो दर्जन गवाहों के बयानों के आधार पर विनोद उर्फ मुन्ना को फांसी की सजा सुनाई गई। विनोद उर्फ मुन्ना के खिलाफ पहले भी हरियाणा और राजस्थान में लूट और हत्या जैसे 8 केस दर्ज हैं।

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