पिछले दो साल से कोरोना महामारी के चलते सिनेमाघर बंद थे। लेकिन, इस साल से सिनेमाघरों के खुलने के बाद एक बार फिर फिल्मों की धूम देखने को मिल रही है। हालांकि लंबे समय के बाद रिलीज हुई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक कमाई नहीं कर रही हैं। साल 2022 के 8 महीने पूरे होने जा रहे हैं और इस दौरान कई फिल्में रिलीज हो चुकी हैं, जिन्हें देखने में दर्शकों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है।

ऐसा ही कुछ हाल ही में रिलीज हुई ‘लाल सिंह चड्ढा’ और ‘रक्षाबंधन’ में देखने को मिला। फिर सवाल उठता है कि बॉक्स ऑफिस पर फिल्में फ्लॉप होने के बावजूद फिल्मी सितारे पे इसका असर क्यों नहीं दीखता। आइए आपको बताते हैं कि फिल्में बॉक्स ऑफिस के अलावा कहां से कमाई करती हैं। आइए फिल्मों की कमाई को समझने के लिए आमिर की फिल्म का उदाहरण लेते हैं। आमिर खान लाल सिंह चड्ढा के निर्माता भी थे। फिल्म का निर्माण वायकॉम 18 के बैनर तले किया है।

आमतौर पर ऐसा होता है कि फिल्म निर्माता फिल्म के राइट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स को भारी कीमत पर बेच देते हैं, ताकि डिस्ट्रीब्यूटर्स फिल्म को सिनेमाघरों तक ले जाएं और मुनाफा कमाएं। इस प्रकार फिल्म निर्माताओं को रिलीज से पहले ही फिल्म का सीधा फायदा और बंपर कमाई हो जाती है। इस तरह अगर फिल्म कमाई करती है तो डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी फायदा होता है और अगर फिल्म नहीं चलती है तो डिस्ट्रीब्यूटर्स को नुकसान उठाना पड़ता है।

सिनेमाघरों में रिलीज के निर्धारित समय के बाद फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाने का चलन आजकल चल रहा है। इसके लिए ओटीटी प्लेटफॉर्म को फिल्म के राइट्स खरीदने पड़ते हे। वह पहले सिनेमाघरों में फिल्म की परफॉर्मेंस देखते हैं और फिर उसके हिसाब से बजट तय करते हैं। इसका एक बड़ा उदाहरण लाल सिंह चड्ढा हैं, जिनका अभी नेटफ्लिक्स के साथ सौदा होना बाकी है। आमिर खान जिस बजट में फिल्म के डिजिटल राइट्स बेचना चाहते थे, उसे नेटफ्लिक्स ने मंजूरी नहीं दी थी और ऐसे में डील नहीं हो पाई।

अगर आपने गौर किया है, तो कई बार मूवी किसी बड़ी कंपनी के शोरूम या उसके नाम या लोगो को दिखाती है। इसके लिए निर्माता कंपनियों से करोड़ों रुपये लेते हैं, जिसका फायदा फिल्म को भी होता है। इसके साथ ही फिल्म की रिलीज के बाद इसे टीवी पर दिखाने के लिए विभिन्न चैनल मैदान में आते हैं। इच्छुक टीवी चैनल फिल्म निर्माताओं को फिल्म के प्रसारण अधिकार खरीदने के लिए करोड़ों रुपये की पेशकश करते हैं। अक्सर सिनेमाघरों में फिल्म की रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग शुरू हो जाती है। यहां से होने वाली कमाई भी फिल्म का प्री-बिजनेस कलेक्शन है।