करोड़ों का ठगी करने के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर से कनेक्शन की वजह से बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस और नोरा फतेही चर्चाओं में हैं। अब टीवी एक्ट्रेस निकी तंबोली और चाहत खन्ना का नाम आया है और खबर है कि चाहत ने सुकेश से दिल्ली के तिहाड़ जेल में मिलने पहुंची थीं। सुकेश ने उन्हें भी कैश और महंगे गिफ्ट दिए और मीडिया में जब ये खबर छपी तो उर्फी ने इसका स्क्रीनशॉट अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया और चाहत खन्ना पर निशाना साधा है।

कुछ दिनों पहले चाहत ने उर्फी के बारे में कहा था कि पपराजी को पैसे लेकर वो बुलाती हैं। वो इस तरह के कपड़े पहनती हैं जिससे अटेंशन मिले और पपराजी भी ऐसे लोगों को कवर करता है और उस वक्त भी उर्फी ने चाहत को जवाब देने में पीछे नहीं रही थीं और अब जब सुकेश मामले में चाहत का नाम आया तो उर्फी ने एक बार फिर से एक्ट्रेस को निशाने पर लिया।

उर्फी जावेद ने एक पोर्टल की खबर का स्क्रीनशॉट लिया जिसमें लिखा है कि चाहत खन्ना ने भी 2018 में सुकेश से जेल में मुलाकात की और उन्हें 2 लाख रुपये कैश और एक वर्साचे की घड़ी गिफ्ट की गई। उर्फी ने इसी स्क्रीनशॉट के साथ लिखा, ‘लेकिन मैं खराब तरीके से कपड़े पहनती हूं और मीडिया को पैसे खिलाती हूं।’

चाहत खन्ना ने उर्फी की तस्वीरों के साथ अपनी इंस्टा स्टोरी पर लिखा था, ‘ऐसे कपड़े कौन पहना है? जब आप सड़क पर हों, मेरा मतलब है कि क्या कोई अपने सारे कपड़े उतार दे और मीडिया उसे सिलब्रिटी बना देगा? क्या इंडियन मीडिया की यही मानसिकता है? इस सस्ती पब्लिसिटी को खरीदना आसान है और मीडिया, आप हमारी पीढ़ी को यह दिखा रहे हैं और कोई भी पैसे दे सकता है स्पॉट होने या कुछ कर रहा हो या वो न्यूड हो जाए तो क्या आप उसे कवर करेंगे? यह बहुत ही घटिया है और ईश्वर आपको सद्बुद्धि दे।’

इस पोस्ट पर जवाब देते उर्फी ने कहा था, ‘कम से कम मैं फॉलोवर्स तो नहीं खरीदती और अगर तुम होमवर्क करके आती तो पता होता मैं वहां इंटरव्यू के लिए गई थी। मैं इंटरव्यू के लिए तैयार थी तो तुम्हें उससे मतलब नहीं होना चाहिए और तुम्हें केवल जलन हो रही है कि पपराजी को पैसे देने के बाद भी वो तुम्हें कवर नहीं करते और चाहत खन्ना इस धरती पर कोई कुछ भी करे ये तुम्हारा काम नहीं है, तुमने यही स्टोरी रणवीर सिंह के लिए क्यों नहीं अपलोड की? अपना दोगलापन दिखा रही हो और देखो, तुम्हारे दो तलाक, छोटी उम्र के लड़के से डेटिंग, मैं तुम्हें जज नहीं करती तो मुझे क्यों जज कर रही हो?’