अनुपमा शो में आपने देखा की छोटी अनु छुपन छुपाई खेलते वक्त संदूक में छुप जाती है जिससे पूरा परिवार घबरा जाता है। उसके मिलते ही तोषू चुपके से अनाथ आश्रम वालों को फोन कर देता है और वे लोग बच्ची को वापस लेने के लिए शाह हाउस आ जाते हैं। हालांकि अनुपमा का प्यार देखकर वे उसे साथ में नहीं ले जाते हैं। लेकिन पारितोष की इस हरकत के लिए अनुज उस पर हाथ उठाता है। अभी आगे शो में और भी ड्रामा देखने को मिलने वाला है।

अनुपमा और अनुज कन्या पूजन के लिए अपने घर में तैयारी कर ही रहे होते हैं कि तभी वहां पर अनुपमा के मायके से कुछ औरतें उन्हें गरबा समारोह के लिए बुलाने आ जाती हैं। वे न केवल अनुपमा की खूब सारी तारीफें करती हैं, बल्कि अनुज और अनुपमा को आशीर्वाद भी देती हैं। लेकिन जैसे ही वे लोग गरबे का चंदा लेकर वहां से जाने लगती हैं, बरखा उन्हें सामान देने के बहाने रोक लेती है। बरखा उनके मन में अनुपमा के एक्स ससुराल के बारे में भला बुरा बोलती है।

आगे बा समर का रिश्ता तय करने के लिए गरबा पंडाल में लड़की वालों को बुलाने के लिए कहती हैं। लेकिन समर शादी से साफ इंकार कर देता है और कहता है कि नंदिनी के जाने के बाद मैंने मुश्किल से खुद को संभाला है, ऐसे में मैं दोबारा टूटना नहीं चाहता हूं। वह अपने बाप और भाई का उदाहरण देते हुए कहता है कि मैंने अगर उस लड़की को गलती से चोट पहुंचा दी तो या मैं उसकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया तो। समर की बातें सुनकर बापूजी, वनराज और खुद किंजल भी उसे समझाते हैं कि वह एक बार लड़की से मिल ले और अगर उसे पसंद न आए तो वह साफ मना कर सकता है।

अनुपमा, अनुज और छोटी अनु कन्या पूजन के लिए शाह हाउस आते हैं। पूजा के बीच ही तोषू भी वहां पर आ जाता है, जिसे देखकर अनुपमा उसे उसकी बेटी से दूर रहने के लिए कहती है। इतना ही नहीं, वह पंडाल में भी पारितोष को आने से मना कर देती है।